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दुर्ग

हत्या के फरार आरोपी और तीन अपचारी बालक गिरफ्तार: पुलिस को मिली बड़ी सफलता

दुर्ग | दुर्ग जिले में मामूली झगड़े के चलते हुए हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सुपेला थाना पुलिस ने हत्या के फरार मुख्य आरोपी आयुष बागडे (उम्र 25 वर्ष) और तीन अपचारी बालकों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना का खुलासा पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र शुक्ला के निर्देशन में हुआ।

दिनांक 16 जनवरी 2025 की शाम से लापता व्यक्ति लालदास चतुर्वेदी का शव 17 जनवरी को कुठेला भाठा स्थित मुरूम खदान में पानी के अंदर मिला। मृतक की पहचान उसके परिजनों द्वारा की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई। सुपेला पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की।

जांच का खुलासा

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि लालदास चतुर्वेदी का कुछ व्यक्तियों से झगड़ा हुआ था। संदेह के आधार पर आयुष बागडे और उसके तीन नाबालिग साथियों की तलाश की गई। मुखबिर की सूचना पर आरोपी को सुपेला बोगदा पुलिया के पास से पकड़ा गया।

गिरफ्तारी और पूछताछ

आयुष बागडे और तीन अपचारी बालकों ने पुलिस पूछताछ में अपराध स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि मामूली विवाद के चलते उन्होंने मिलकर लालदास चतुर्वेदी की हत्या की और शव को मुरूम खदान में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त ई-रिक्शा और मोबाइल जब्त किया है।

पुलिस की तत्परता और टीम का योगदान

घटना के मात्र दो दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी सुपेला राजेश मिश्रा, उनि दीपक सिंह चौहान, प्रआर अमर सिंह, और एसीसीयू टीम के अन्य सदस्यों ने विशेष भूमिका निभाई।

आरोपियों का अपराध रिकॉर्ड

मुख्य आरोपी आयुष बागडे पूर्व में भी जेल जा चुका है और उसकी अपराधिक पृष्ठभूमि रही है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया है।

जप्त संपत्ति

ई-रिक्शा

मोबाइल

आरोपियों के नाम

आयुष बागडे, पिता अशोक बागडे, उम्र 25 वर्ष, निवासी कोसा नगर, दीक्षित कॉलोनी, वार्ड 05, भिलाई।

तीन विधि से संघर्षरत अपचारी बालक

सुपेला पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्यवाही से हत्या का यह संगीन मामला सुलझा लिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए भविष्य में भी अपराधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

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